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मंगलवार, 21 जुलाई 2015

सरकार के बचाव को लेकर ऊहापोह में संघ



  • संघ की अनौपचारिक बैठकों का सिलसिला शुरूददुर्ग में तब्दील हुआ,
  • दुर्गापुर अभिसूचना इकाइयों और सुरक्षा में तैनात राज्य पुलिस के जवानों को भी कार्यक्रम स्थल के गेट के बाहर किया
नैनीताल (एसएनबी)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ इन दिनों अजीब कशमकश में फंसा हुआ है। चिंता इस बात को लेकर है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार तो बन गई, मगर सबको साथ लेकर चलने की मजबूरी में सरकार अपनी पितृ संस्था के साथ अपेक्षित न्याय नहीं कर पा रहा है, उलटे विवादों के चक्रव्यूह में लगातार फंसते जा रही है।विपक्ष खासकर कांग्रेस केंद्र के साथ ही एक-एक कर भाजपा नेतृत्व वाली सभी राज्य सरकारों को विवादों में शामिल बताने में कमोबेश सफल हो रही है। ऐसे में संघ क्या करे। भाजपा को बैकफुट पर जाने से रोकने के लिए स्वयं आगे आए कि नहीं। यह वे कशमकश के सवाल हैं जिन पर मुख्यालय के निकटवर्ती पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार दुर्गापुर में संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत एवं सर कार्यवाह व सह कार्यवाह स्तर के नेताओं की अनौपचारिक तौर पर शुरू हो गई बैठकों में छाए हुए हैं। यूं संघ ने दुर्गापुर में हो रही बैठक स्थल को दुर्ग में तब्दील कर दिया है। अभिसूचना इकाइयों के साथ उत्तराखंड पुलिस के जवानों को भी कार्यक्रम स्थल के गेट के बाहर कर दिया गया है, जबकि मीडिया कर्मियों को गेट के पास से ही ‘‘टरकाने’ की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में स्थानीय स्वयंसेवकों को केवल चाय-पानी, भोजन अथवा बाहरी प्रदेशों से आ रहे प्रांत व क्षेत्रीय प्रचारकों की व्यवस्थाएं करने तक के कायरे में सीमित किया गया है। इससे कई कार्यकर्ता क्षुब्ध भी हैं। सूत्र बता रहे हैं कि संघ इस बात से चिंतित है कि संघ की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाली सरकार के कार्यकाल में देश व हिंदुत्व की संघ की विचारधारा को आगे बढ़ाने के अपेक्षित लक्ष्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं,और नई चुनौतियां सिर उठाती जा रही हैं। उधर, बैठक के लिए कमोबेश सभी राज्यों के प्रांत व क्षेत्रीय प्रचारक दुर्गापुर पहुंच गए हैं। छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश आदि प्रदेशों के प्रांत व क्षेत्र प्रचारकों ने सोमवार को मुख्यालय नैनीताल का भी भ्रमण किया। 

मोहन भागवत ने किया ज्योति स्वरूप भवन का लोकार्पण                                                   

नैनीताल। आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में विद्यालय की स्थापना के दौर में विभाग और क्षेत्र प्रचारक रहे तथा स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाने वाले ज्योति स्वरूप के नाम से एक भवन का लोकार्पण किया। इस भवन में आधुनिक आईटी लैब के साथ स्काउट, एनसीसी व एनएसएस तथा संगीत विभाग के कक्ष हैं। लोकार्पण के अवसर पर संघ के सर कार्यवाह भैया जी जोशी, सह कार्यवाह सुरेश सोनी, दत्तात्रेय घोसबोले, डा. किरण गोपाल, विद्यालय की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष डा. एपी सिंह व प्रधानाचार्य डा. किशनवीर सिंह शाक्य आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।


सोमवार, 20 जुलाई 2015

2017 चुनाव : संघ की सर्वोच्च प्राथमिकता में होगा उत्तराखंड




  • राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 90 वर्ष के इतिहास में पहली बार अखिल भारतीय प्रांत प्रचारकों की बैठक नैनीताल में आयोजित
  • अक्टूबर में हरिद्वार में संघ की दूसरी शीर्ष अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक उत्तराखंड के हरिद्वार में प्रस्तावित
नवीन जोशी, नैनीताल। वर्ष 1925 में अपनी स्थापना से हिंदू समाज के उत्थान के लिए संघर्षरत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लिए उत्तराखंड शीर्ष प्राथमिकता में आ गया है। गंगा-यमुना के उद्गम व ऋषि-मनीषियों के दौर से देश-दुनिया को वेद-पुराणों व धर्म की दीक्षा देने वाले राज्य उत्तराखंड में आरएसएस ने अपनी स्थापना के 90 वर्षो के इतिहास में पहली बार अपनी दोनों शीर्ष बैठकें उत्तराखंड में रखकर इसका संकेत दे दिया है। संघ की शीर्ष अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक उत्तराखंड के नैनीताल में 21 से 24 जुलाई तक आयोजित हो रही है, जबकि आगे अक्टूबर में दूसरी शीर्ष अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक भी उत्तराखंड के हरिद्वार में प्रस्तावित कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में वर्ष 2017 में विधान सभा चुनाव होने हैं, लिहाजा संघ की दो प्रमुख बैठकों को पहली बार एक साथ उत्तराखंड में रखने के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। 

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इन बैठकों में देश की राजनीति पर तो चर्चा होगी ही, पर राज्य में बैठकर प्रदेश की राजनीति की बात नहीं होगा, कहना बेमानी होगा। यह अलग बात है कि जाहिर तौर पर 2017 में किसी तरह का राजनीतिक लाभ लेने की बात भले न हो, लेकिन संघ अपने एजेंडे को राज्य के राजनीतिक दलों के बीच जरूर आगे बढ़ाएगा। इसका इशारा होना भी प्रारंभ हो गया है। कांग्रेस सरकार ने राज्य में हरेला महोत्सव व मेरे बुजुर्ग-मेरे तीरथ नाम की जो धर्म-संस्कृतिसे जुड़ी योजनाएं शुरू की हैं, संघ के लोग उसे संघ की विचारधारा का आगे बढ़ना बता रहे हैं। साफ है कि इस तरह सत्तारूढ़ दल के साथ विपक्ष पर भी संघ दबाव बनाने और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जन दबाव बनाने जैसा प्रयास भी करेगा तो आश्चर्य न होगा।

सरसंघचालक मोहन भागवत बैठक से दो दिन पहले नैनीताल पहुंचे

नैनीताल। नैनीताल के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार दुर्गापुर में 21 जुलाई से शुरू हो रही अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक कितनी महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संघ के शीर्ष-सरसंघचालक मोहन भागवत बैठक से दो दिन पूर्व रविवार सुबह यहां पहुंच गए। आगे उनका बैठक के एक दिन बाद यानी 25 जुलाई की शाम लौटने का कार्यक्रम है। उल्लेखनीय है कि मोहन भागवत का उत्तराखंड से पूर्व से ही लगाव रहा है। वह पूर्व में सह सरसंघचालक रहते अल्मोड़ा व सर सरसंघचालक बनने के बाद पिछले वर्ष यहीं दुर्गापुर में आ चुके हैं। कार्यक्रम से जुड़े लोगों के अनुसार भागवत को नैनीताल में इन दिनों बरसात के मौसम में स्थितियां खराब होने का भय दिखाया गया था, पर इसके जवाब में मोहन भागवत का दिलचस्प जवाब था कि जब लोग वहां रह रहे हैं, तो उन्हें आने में क्या दिक्कत हो सकती है। जैसे लोग वहां रह रहे हैं, वैसे ही वह भी रह लेंगे। बताया गया है कि भागवत यहां आकर कार्यक्रम के मीनू में शामिल भट की चुड़कानी, रस भात, लिंगुड़े की सब्जी व झुंगरे का भात जैसे ठेठ कुमाऊंनी व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं। गौरतलब है कि उनसे पूर्व केसी सुदर्शन और रज्जू भैया यहां सरसंघचालक रहते आने वालों में शामिल रहे हैं। 

कोश्यारी और पंत ने लगाई हाजरी

नैनीताल। आरएसएस पूर्णतया गैर राजनीतिक संगठन है, परंतु भाजपा से उसकी नजदीकी किसी से छुपा नहीं है। लिहाजा संघ की शीर्ष अखिल भारतीय बैठक के यहां होने के नाते भाजपा नेताओं का भी यहां आना-जाना लगा रह सकता है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रकाश पंत शनिवार की शाम व्यवस्थाओं का जायजा लेकर यहां से लौट चुके हैं, जबकि सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने रविवार सुबह आकर सर सरसंघचालक से आशीर्वाद लेने के लिए हाजरी लगा दी है।

प्रदेश सरकार को मिल सकती है सराहना

नैनीताल। भले प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ‘‘मेरे बुजुर्ग-मेरे तीर्थ’और हरेला महोत्सव जैसे लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों की विपक्षी भाजपा आलोचना कर रही हो, मगर इन योजनाओं पर आरएसएस से राज्य सरकार को सराहना मिल सकती है। संघ के सदस्यों का कहना है कि संघ का एजेंडा हिंदुत्व का यानी हिंदू समाज के उत्थान का एजेंडा है। कोई पार्टी उसके एजेंडे को आगे बढ़ाए, इससे संघ को परहेज नहीं होता। वरन संघ चाहता है कि हर पार्टी उसकी विचारधारा को आगे बढ़ाए। उत्तराखंड में संघ ने हरेला लोकपर्व से 25 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने हरेला महोत्सव से संघ के इस अभियान को आगे बढ़ाने का ही कार्य किया है, इसलिए आश्र्चय न हो, यदि अखिल भारतीय प्रांतीय प्रचारक बैठक में इसका जिक्र आने पर राज्य सरकार की सराहना ही की जाए।

भाजपा के राम माधव, सुरेश सोनी व रामलाल भी पहुचेंगे बैठक में 

नैनीताल। आरएसएस की 21 जुलाई से आयोजित अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक के लिए सरसंघचालक मोहन भागवत के अलावा सर कार्यवाह भैयाजी जोशी नैनीताल पहुंच चुके हैं। उनके अलावा बैठक में सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी व कृष्ण गोपाल के अलावा भाजपा महामंत्री संगठन राम लाल, केंद्रीय मंत्री राम माधव, उत्तराखंड के पूर्व प्रांत प्रचारक शिव प्रकाश व सौदान सिंह आदि नेता, प्रांत प्रचारक डा. हरीश रौतेला, सह प्रांत प्रचारक युद्धवीर सहित संघ के किसान संघ, मजदूर संघ, विद्या भारती, बनवासी कल्याण आश्रम जैसे करीब दो दर्जन आनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी व प्रांत एवं क्षेत्रीय प्रचारकों सहित 180 शीर्ष पदाधिकारियों के पहुंचने और बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।